
कात्यायनी
कात्यायनी NPK 19-19-19 | 100% पानी में घुलनशील खाद
पैक चुनें
2 विकल्पपोषक तत्वों की संरचना
नाइट्रोजन (19%): पौधों की हरित वृद्धि (Vegetative Growth), हरी-भरी पत्तियों तथा तेज़ एवं स्वस्थ विकास को बढ़ावा देता है।
फॉस्फोरस (19%): मजबूत जड़ विकास में सहायता करता है तथा फूलों और फलों की अच्छी सेटिंग (Fruit Set) में सुधार करता है।
पोटाश (19%): पौधों के समग्र स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा प्रतिकूल परिस्थितियों (Stress) को सहन करने की क्षमता बढ़ाता है।
एनपीके 19:19:19 उर्वरक के उपयोग
संतुलित पोषक तत्वों की उपलब्धता से तना, पत्तियां और जड़ों सहित पूरे पौधे का स्वस्थ विकास होता है।
यह उर्वरक अधिक फूल एवं बेहतर फल उत्पादन में सहायक होता है क्योंकि यह आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करता है।
मजबूत जड़ प्रणाली पौधों द्वारा पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण और अच्छे विकास के लिए आवश्यक होती है। एनपीके 19:19:19 जड़ों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
यह उर्वरक पौधों को सूखा, रोग तथा अन्य पर्यावरणीय तनावों का बेहतर सामना करने में सहायता करता है।
यह सब्जियों, फूलों, सजावटी पौधों तथा अन्य कई प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त है।
एनपीके 19:19:19 जल में पूर्णतः घुलनशील होता है, इसलिए इसे सिंचाई के पानी (फर्टिगेशन) या पत्तियों पर छिड़काव (फोलियर स्प्रे) द्वारा आसानी से दिया जा सकता है।
यह स्वस्थ पौध विकास, अधिक उत्पादन तथा मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए एक विश्वसनीय और प्रभावी उर्वरक है।
एनपीके 19:19:19 के लिए उपयुक्त फसलें
यह एक बहुउपयोगी उर्वरक है, जिसका उपयोग निम्न फसलों में किया जा सकता है:
गन्ना
धान
टमाटर
मिर्च
अरहर (रेडग्राम)
मक्का
मोटे अनाज (मिलेट्स)
सोयाबीन
कपास
विभिन्न फल एवं सब्जी फसलें
एनपीके 19:19:19 की मात्रा (डोज़)
| फसल | मात्रा | प्रयोग विधि |
|---|---|---|
| सभी फसलें | 4–5 ग्राम प्रति लीटर पानी | फोलियर स्प्रे (पत्तियों पर छिड़काव) |
| सभी फसलें | 1–3 किलोग्राम प्रति एकड़ | फर्टिगेशन (सिंचाई के पानी के साथ) |
अतिरिक्त विवरण
इस उर्वरक के प्रयोग से पौधों द्वारा पोषक तत्वों का त्वरित अवशोषण होता है, जिससे फसल में जल्दी और स्पष्ट सुधार दिखाई देता है।
पोषक तत्वों के लीचिंग (बहाव) एवं वाष्पीकरण (Volatilization) से होने वाले नुकसान कम होते हैं, जिससे पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता बढ़ती है।
इसमें मौजूद नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P) और पोटाश (K) का संतुलित एवं विशेष रूप से तैयार किया गया संयोजन फसल की सभी अवस्थाओं—अंकुरण, वानस्पतिक वृद्धि, प्रजनन (फूल एवं फल बनने की अवस्था) तथा पकने की अवस्था—में उत्कृष्ट परिणाम देता है।
पोषक तत्वों का संतुलित मिश्रण पौधों को प्रत्येक विकास चरण में आवश्यक पोषण प्रदान करता है।
यह उर्वरक फल, सब्जी, फूल, खेती फसलें, पत्तेदार फसलें तथा सभी प्रकार की बागवानी फसलों में बेहतर वृद्धि और अधिक उत्पादन प्राप्त करने में सहायक है।
यह अधिकांश कीटनाशकों एवं फफूंदनाशकों के साथ पूरी तरह अनुकूल (Compatible) है, इसलिए इन्हें एक साथ मिलाकर छिड़काव किया जा सकता है।
पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में इसके उपयोग से श्रम लागत कम होती है तथा समय की भी बचत होती है।
